पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों के लिए फरवरी 2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। बैंक ने अपनी विभिन्न सेवाओं पर लगने वाले शुल्क में संशोधन किया है, जिससे खाताधारकों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च उठाना पड़ सकता है। 20 फरवरी से पहले यदि ग्राहक जरूरी अपडेट और औपचारिकताएं पूरी नहीं करते हैं तो कुछ मामलों में भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सभी ग्राहकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने खाते की स्थिति, नॉमिनेशन और अन्य बैंकिंग सेवाओं की जानकारी समय पर अपडेट कर लें।
लॉकर किराए और सर्विस चार्ज में बदलाव
बैंक द्वारा लॉकर रेंट में बढ़ोतरी की गई है, खासकर शहरी और मेट्रो शहरों में। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ श्रेणियों के किराए पहले जैसे ही रखे गए हैं, लेकिन बड़े शहरों में लॉकर उपयोग करने वाले ग्राहकों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। इसके साथ ही स्टॉप पेमेंट, स्थायी निर्देश यानी एसआई फेलियर और नॉमिनेशन से जुड़े शुल्क भी संशोधित किए गए हैं। एसआई फेलियर चार्ज अब मासिक आधार पर लागू होगा, जिससे बार-बार ट्रांजैक्शन फेल होने पर अलग-अलग शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन एक तय मासिक शुल्क देना होगा।
बैंक के तिमाही नतीजों का असर
वित्तीय मोर्चे पर भी बैंक को झटका लगा है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ करीब 48 प्रतिशत घटकर 1,675 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,251 करोड़ रुपये से अधिक था। मुनाफे में गिरावट के कारण शेयर बाजार में भी बैंक के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। इस स्थिति से निवेशकों के साथ-साथ खाताधारकों में भी चिंता बढ़ सकती है।
ग्राहकों के लिए राहत की खबर
कुछ सकारात्मक बदलाव भी किए गए हैं। जनवरी 2026 से सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता हटा दी गई है। इससे अब ग्राहकों को न्यूनतम बैलेंस न रखने पर कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी। इसके अलावा रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती और एमसीएलआर में कमी के कारण लोन की ब्याज दरों में थोड़ी राहत मिल सकती है, जिससे ईएमआई पर असर पड़ेगा।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए
ऐसे समय में ग्राहकों को अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। पासबुक अपडेट कराना, नॉमिनेशन दर्ज करना और ऑटो डेबिट या एसआई की स्थिति की जांच करना जरूरी है। बैंकिंग सेवाओं का सही चुनाव और समय पर जानकारी रखने से अतिरिक्त शुल्क और जुर्माने से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 में किए गए बदलावों से पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों पर सीधा असर पड़ सकता है। बढ़े हुए सर्विस चार्ज और लॉकर किराए के साथ बैंक के कमजोर तिमाही परिणामों ने चिंता बढ़ाई है, लेकिन न्यूनतम बैलेंस नियम हटने और ब्याज दरों में संभावित राहत से कुछ राहत भी मिली है। ग्राहकों को सतर्क रहकर अपने वित्तीय निर्णय लेने चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक शाखा या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।








