हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि केंद्रीय बजट 2026 में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तीन गुना बढ़ा दी गई है और अब उन्हें ₹1250 प्रतिदिन वेतन मिलेगा। यह दावा कई वेबसाइटों और पोस्टों के माध्यम से फैलाया जा रहा है, जिससे मजदूर वर्ग में उत्साह के साथ-साथ भ्रम भी पैदा हो रहा है। ऐसे समय में यह समझना जरूरी है कि इस खबर में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में सरकार ने ऐसा कोई बड़ा फैसला लिया है।
क्या सच में मजदूरी तीन गुना हुई है
सरकारी रिकॉर्ड और विश्वसनीय समाचार स्रोतों की जांच करने पर यह स्पष्ट होता है कि बजट 2026 में न्यूनतम मजदूरी को तीन गुना बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। केंद्र सरकार या श्रम मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, जिसमें ₹1250 प्रतिदिन की मजदूरी तय करने की बात कही गई हो। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही यह खबर भ्रामक साबित होती है।
हाल की वास्तविक बढ़ोतरी क्या है
वास्तव में सितंबर 2024 में श्रम मंत्रालय ने महंगाई को ध्यान में रखते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते में संशोधन किया था। इस संशोधन के बाद कुछ श्रेणियों में अधिकतम दैनिक मजदूरी लगभग ₹1,035 तक पहुंची थी। मजदूरी दरें मजदूर की योग्यता और कार्य के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती हैं, जैसे अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिक। यह बढ़ोतरी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा थी, न कि बजट 2026 में घोषित कोई विशेष निर्णय।
बजट 2026 का मुख्य फोकस
बजट 2026 से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार सरकार का ध्यान रोजगार सृजन, आर्थिक सुधार और विभिन्न वर्गों के विकास पर केंद्रित रहा है। हालांकि रोजगार बढ़ाने और कौशल विकास पर जोर दिया गया है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी को सीधे तीन गुना बढ़ाने जैसा कोई प्रावधान इसमें शामिल नहीं है। इसलिए ₹1250 प्रतिदिन वेतन की खबर को आधिकारिक आधार नहीं मिलता।
अफवाहें क्यों फैलती हैं
अक्सर पुरानी मांगों या प्रस्तावों को नई घोषणा बताकर साझा कर दिया जाता है। कई बार अनुमान या चर्चाओं को पक्का निर्णय बताकर प्रस्तुत किया जाता है। आकर्षक और चौंकाने वाली हेडलाइन के कारण ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो जाती हैं। इसलिए किसी भी सूचना को स्वीकार करने से पहले सरकारी वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।
निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026 में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तीन गुना करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हाल की जो भी बढ़ोतरी हुई है, वह महंगाई भत्ते के संशोधन का हिस्सा है। मजदूरों और आम नागरिकों को चाहिए कि वे अफवाहों से सावधान रहें और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करें।
Disclaimer: This article is based on publicly available information and is intended for general awareness only. Readers are advised to verify any policy updates through official government notifications or trusted news sources before making decisions.








